Thursday, 17 September 2026 | लखनऊ, उत्तर प्रदेश
चौकस खबर चौकसखबर हर खबर पर पैनी नज़र लॉगिन
राजनीति

मायावती बार-बार आकाश आनंद को क्यों हटाती-लाती हैं? BSP को फायदा या नुकसान?

Jai Prakash
लेखक: Jai Prakash
7 September 2026, 3:32 PM
मायावती बार-बार आकाश आनंद को क्यों हटाती-लाती हैं? BSP को फायदा या नुकसान?

https://www.facebook.com/Mayawati.bsp/photos

बहुजन समाज पार्टी (BSP) में आकाश आनंद की भूमिका एक बार फिर चर्चा में है। कभी मायावती उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाती हैं, कभी पार्टी की अहम जिम्मेदारियों से हटा देती हैं और कभी दोबारा बड़ी भूमिका में लेकर आती हैं। हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर मायावती आकाश आनंद को लेकर इतना बड़ा राजनीतिक प्रयोग क्यों कर रही हैं?

मायावती ने हाल में कहा कि आकाश आनंद को अभी और राजनीतिक परिपक्वता की जरूरत है और फिलहाल उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की भूमिका से भी पीछे किया गया है। वहीं उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने से BSP की भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

https://chaukaskhabar.com/rashtriya/desh-me-saur-urja-pariyojnaon-ka-vistar

आकाश आनंद को लेकर क्यों बदलता रहा मायावती का फैसला?

आकाश आनंद को दिसंबर 2023 में मायावती ने अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें पार्टी के अभियान की अहम जिम्मेदारी भी मिली। लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान उनके बयानों और राजनीतिक रणनीति को लेकर विवाद हुआ और मायावती ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारियों से हटा दिया। बाद में आकाश को पार्टी से बाहर भी किया गया और फिर उनकी वापसी हुई।

इसके बाद 2025 में उन्हें फिर पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली। यानी आकाश आनंद की राजनीतिक यात्रा में उत्तराधिकारी से हटाए जाने, पार्टी से बाहर किए जाने और फिर वापसी का सिलसिला दिखाई देता है।

मायावती ऐसा क्यों कर रही हैं?

इसके पीछे कई राजनीतिक कारण माने जा सकते हैं। पहला, मायावती पार्टी संगठन और फैसलों पर अपना नियंत्रण कमजोर नहीं करना चाहतीं। दूसरा, वह आकाश को भविष्य के नेता के तौर पर तैयार करना चाहती हैं, लेकिन साथ ही यह भी देखना चाहती हैं कि वह पार्टी की विचारधारा और अनुशासन के अनुरूप कितनी मजबूती से काम कर पाते हैं।

मायावती ने खुद कांशीराम की उस सोच का हवाला दिया है जिसमें परिवार के सदस्यों को पार्टी के काम में सहयोग करने की अनुमति थी, लेकिन उन्हें सत्ता या महत्वपूर्ण पद देने को लेकर सावधानी बरती जाती थी।

BSP को फायदा या नुकसान?

फायदा:
आकाश आनंद युवा चेहरा हैं और उनकी उम्र मायावती की तुलना में काफी कम है। ऐसे समय में जब राजनीतिक दल युवाओं और नई पीढ़ी को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, आकाश BSP के लिए एक संभावित युवा चेहरा हो सकते हैं।

नुकसान:
लेकिन बार-बार जिम्मेदारी देना और फिर वापस लेना पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच असमंजस पैदा कर सकता है। हालिया बदलावों को लेकर BSP कैडर में भी बेचैनी की बात सामने आई है। इससे पार्टी की नेतृत्व क्षमता और भविष्य की रणनीति पर सवाल उठ सकते हैं।

2027 से पहले बड़ा सवाल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए BSP के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को मजबूत करने और अपना पुराना सामाजिक आधार वापस हासिल करने की है। ऐसे में आकाश आनंद को लेकर लगातार बदलते फैसले पार्टी के लिए संदेश की स्पष्टता का सवाल बन सकते हैं।

मायावती के सामने चुनौती दोहरी है-एक तरफ उन्हें पार्टी पर अपनी पकड़ बनाए रखनी है, दूसरी तरफ भविष्य के नेतृत्व को भी तैयार करना है। आकाश आनंद इस पूरी रणनीति के केंद्र में हैं।

यही वजह है कि सवाल सिर्फ आकाश आनंद के पद का नहीं, बल्कि BSP के अगले राजनीतिक नेतृत्व और 2027 की चुनावी रणनीति का भी है।

https://chaukaskhabar.com/rashtriya/svatantra-bharadvaja-giraftara-bulandashahara-se-dilli-pulisa-ne

यह खबर WhatsApp पर शेयर करें
लेख सेव करने के लिए लॉगिन करें
अगली खबर पढ़ें → राष्ट्रीयस्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार: बुलंदशहर से दिल्ली पुलिस ने दबोचा, जानें जंतर-मंतर केस की पूरी कहानी

टिप्पणियां (0)

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी आप करें।