अर्नब तूफ़ान आज सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया है, जिसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है. इसमें कई जगह तेज हवाओं के चलते पेड़ उखड़ गए, बिजली के खम्भे भी कई जगह उखड़ गए यही नहीं सड़कें भी प्रभावित हुईं हैं. आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं हैं.
इससे पहले एक आन्ध्र प्रदेश और ओडिशा में एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षति स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की अपील की है.
इन तीन राज्यों में ज्यादा असर
अर्नब तूफ़ान से ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ और तेलांगना के हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है. हवा की रफ़्तार 100 से 150 किमीं प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है. निचले इलाकों में पानी भरने से स्थिति कई जगह खराब होने की सूचना है.
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इसके अलावा प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है और स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं. सभी प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमों को अलर्ट रहने को कहा गया है. दोपहर तक कहीं से भी जनहानि की सूचना नहीं थी.
यूपी-बिहार तक असर
उधर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात अर्नब का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार तक पहुंच सकता है. 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि 30 अक्टूबर को भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
बारिश और तेज हवाओं से फसलों, सड़कों और बिजली आपूर्ति पर असर पड़ सकता है. किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
बांग्लादेश ने अर्नब तूफ़ान नाम दिया
अर्नब तूफ़ान बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाब के चलते बना है.और इसका सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत होकर गहरे दबाव और फिर चक्रवाती तूफ़ान में बदल गया. बाद में इसकी तीव्रता बढ़कर भीषण चक्रवाती तूफ़ान में में बदल गयी.
तूफ़ान का नाम भी बंगलादेश की ओर से अर्नब किया गया है. इस साल बंगाल की खाड़ी में बना यह पहला ऐसा चक्रवात है, जिसने भारतीय तटों के लिए ख़तरा पैदा कर दिया है.
सभी प्रभावित राज्यों में निगरानी बढ़ा दी है. अब तक कई जगह भारी नुकसान की खबरें आ चुकी हैं. आपदा टीमें भी तटीय इलाकों में सक्रिय है और सड़कों पर यातायात भी प्रभावित हुआ है. कई जगह ट्रेनें भी रद्द करनी पड़ी हैं.
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