उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक ही एपिक कार्ड पर 13 हजार से अधिक मतदाताओं के मिलने के बाद चुनाव आयोग ने सख्ती कर दी है. जिसके तहत अब प्रदेश भर में कंप्यूटर ऑपरेटर की लॉग इन आईडी निष्क्रिय कर दी कर दी गयी है.
इसलिए उठाया गया कदम
यूपी निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, ECINET पोर्टल पर कम्प्यूटर सहायकों (मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटर) को उपलब्ध कराई गई लॉग-इन आईडी के दुरुपयोग के संबंध में जनपद पीलीभीत से प्राप्त शिकायत एवं सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को जनपद में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय के कम्प्यूटर सहायकों (मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटर) की लॉग-इन आईडी तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय (Inactive / Disable) कराने के निर्देश दिए गये हैं.
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जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे कार्रवाई
जिला निर्वाचन अधिकारी अपने जनपद के समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROS) को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करेंगे. जनपद के अंतर्गत सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कार्यरत मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटर की लॉग-इन आईडी निष्क्रिय कराई जाएगी , ताकि किसी भी मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटर अपनी लॉग-इन आईडी के माध्यम से ECINET पोर्टल पर किसी प्रकार की गतिविधि न कर सकें.
सभी लॉग-इन आईडी निष्क्रिय किए जाने के उपरांत संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से इसकी पुष्टि प्राप्त की जाएगी. जिला निर्वाचन अधिकारी स्वयं समस्त विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में की गई कार्रवाई का सत्यापन करते हुए अनुपालन आख्या तत्काल मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगें.
पीलीभीत में सेवा समाप्त
विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, 127-पीलीभीत के प्रकरण में संलिप्त कम्प्यूटर सहायक (आउटसोर्स) की तत्काल सेवा समाप्ति का निर्देश संबंधित फर्म को दे दिया गया है.
आदेश में कहा गया है कि मतदाता सूची से संबंधित कार्यों की शुचिता, सुरक्षा एवं पारदर्शिता बनाए रखने के दृष्टिगत इन निर्देशों का सर्वोच्च प्राथमिकता पर तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा. इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी.
विपक्ष ने उठाए थे सवाल
पीलीभीत में एक ही एपिक कार्ड पर 13 हजार से अधिक एंट्री को लेकर कांग्रेस और सपा ने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर दिए थे. आरोप लगाया था कि ये सब वोट चोरी के लिए किया जा रहा है. जिसमें अंतिम फायदा बीजेपी को मिलना है. इस मामले में आयोग ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन दो SDM के खिलाफ भी FIR दर्ज करवाई है और पीलीभीत की सभी विधानसभाओं की रिपोर्ट तलब की है. साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में इस तरह की दोबारा न गलती होने की हिदायत दी गयी है.
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