UP में होने वाली 10 राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी की ओर से लिस्ट जारी कर दी गई लेकिन ये लिस्ट भी राजनीति के पंडितों को हैरान कर रही है. ऐसे में केन्द्र में होने वाले मंत्रिमंडल फेरबदल पर भी नई बहस छिड़ गई है और कानाफूसी शुरू हो गई है कि क्या UP कोटे से सांसद बने दो बड़े नेताओं की विदाई मंत्रिमंडल से होने जा रही है?
दरअसल मोदी सरकार में मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा यूपी कोटे से राज्यसभा सांसद हैं. संभावना जताई जा रही थी कि दोनों ही नेताओं को बीजेपी राज्यसभा भेज सकती है लेकिन लिस्ट में इन दोनों का नाम नहीं है. नवंबर महीने में इन दोनों का कार्यकाल राज्यसभा में पूरा हो रहा है. ऐसे में बीजेपी का अगला क़दम क्या होगा इस पर सभी की नज़र है.
बड़े नेता हैं BL वर्मा और हरदीप सिंह पुरी
बीएल वर्मा यूपी के बदायूं जिले से आते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के करीबी रहे हैं और ओबीसी चेहरे के रूप में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उनका प्रभाव है. हरदीप सिंह पुरी भी बीजेपी में बड़ा क़द रखते हैं और बड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी उनके पास है. जल्द ही मोदी कैबिनेट में बदलाव होना है इस लिहाज़ से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
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स्मृति ईरानी का नाम भी लिस्ट में नहीं
एक और बड़े नाम की चर्चा हो रही थी लेकिन 8 उम्मीदवारों की लिस्ट में उनका भी नाम नहीं है. ये नाम है पूर्व केन्द्रीय मंत्री और अमेठी से सांसद रहीं स्मृति ईरानी का. हालांकि बीजेपी संगठन में उनको बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. सोशल मीडिया पर तो स्मृति ईरानी को मंत्री तक बनाए जाने की चर्चा शुरू हो चुकी थी.
संगठन, समर्पण को BJP ने दी तरजीह
बहरहाल बीजेपी ने कोटे की राज्यसभा सीटों के लिए 8 उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. यूपी के मंत्री धर्मपाल सिंह, आगरा के बड़े नेता राम प्रताप सिंह चौहान और पूर्वांचल में मज़बूत पकड़ रखने वाले विद्यासागर सोनकर का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. दो महिलाओं को तरजीह देने के साथ ही जातीय समीकरण पर भी बीजेपी ने पूरा ध्यान दिया है.
10 सीटों पर तस्वीर लगभग साफ़
फ़िलहाल अब यूपी कोटे की 10 सीटों के लिए लगभग तस्वीर साफ़ होती दिख रही है. समाजवादी पार्टी ने पहले ही प्रोफेसर रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी का नामांकन दाख़िल करा दिया है. तीसरा पर्चा भी सपा ने खरीदा है लेकिन प्रत्याशी को लेकर तस्वीर साफ़ नहीं है क्योंकि तीसरे उम्मीदवार की जीत के लिए आंकड़े भी पूरी तरह से सपा के साथ नहीं हैं.
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