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रविवार, 1 नवम्बर 2026 · हिंदी समाचार
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BRICS: भारत ने मजबूती से रखी UNSC में प्रतिनिधित्व की मांग

BRICS सम्मेलन में PM नरेन्द्र मोदी ने सत्र की अध्यक्षता करते हुए UN सुरक्षा परिषद में प्रतिनिधित्व की बात मजबूती से रखी।

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BRICS सत्र की अध्यक्षता करते हुए PM मोदी

सोशल मी.

नई दिल्ली, भारत में हो रहे BRICS सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। हर पल सदस्य देशों के बयान और सत्र की बातचीत को सात समंदर पार बारीकी से देखा और समझा जा रहा है। खासतौर पर अमेरिका, इजरायल- ईरान युद्ध के वक्त शांति और सुरक्षा जैसे मुद्दे पर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्र की अध्यक्षता करते हुए UN सुरक्षा परिषद में प्रतिनिधित्व की बात मजबूती से रखी।

ग्लोबल साउथ पर फोकस

BRICS सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने समावेशी वैश्विक शासन पर जोर देते हुए सभी पक्षों को मजबूत करने की बात कही। ग्लोबल साउथ वैश्विक संकटों में सबसे आगे है लेकिन फैसले लेने में पीछे है। भारत ने अपनी बात रखते हुए कहा कि विशेषाधिकार को हमें साझेदारी के प्लेटफॉर्म में बदलना होगा।

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UNSC में प्रतिनिधित्व

UNSC जैसी संस्थाओं में भी प्रतिनिधित्व को लेकर भारत ने कहा कि वैश्विक शासन में आज की हकीकत को देखा जाना चाहिए, परिस्थितियों के मुताबिक ज्यादा प्रतिनिधित्व होना चाहिए। विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसी संस्थाओं में।

नियम बनाना

PM मोदी ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब ग्लोबल साउथ को 'नियम मानने वाले' से 'नियम बनाने वाले' की भूमिका में लाने की कोशिश होनी चाहिए। BRICS के जरिए, हम ग्लोबल साउथ के युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत का हुनर, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और कानूनी जानकारी दे सकते हैं।

समुद्री कर्मचारियों को मदद

समुद्री कर्मचारियों के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बात रखी। PM मोदी ने कहा कि समुद्री कर्मचारी वैश्विक व्यापार में अहम योगदान देते हैं, फिर भी संकट के समय में उन्हें कई बार जरूरी मदद नहीं मिलती; इसलिए 'सीफ़ेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क' बनाने का प्रस्ताव रखा।

प्रधानमंत्री ने सत्र में अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि चूंकि हमारा भविष्य साझा है, इसलिए उस भविष्य को आकार देने का अधिकार भी साझा होना चाहिए- आवाज से असर तक, और विशेषाधिकार से साझेदारी तक।

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Mukesh Kumar
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Mukesh Kumar · नेशनल डेस्क
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