समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की PDA यात्रा से पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश हाई है. रायबरेली में जुटी भीड़ देखकर पार्टी कार्यकर्ता और नेता उत्साहित हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि अभी-अभी 24 में हराया है, 27 में परमानेंट इनका सफाया करने का काम करेंगे.
दरअसल रायबरेली में पिछले दिनों सपा विधायक राहुल लोधी के साथ हाथापाई की घटना सामने आयी थी जिसके बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि वह चाय पीने उनके घर जाएंगे लेकिन इसी बीच PDA रथ से जाने का कार्यक्रम तय हो गया.
रायबरेली में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर करारा प्रहार किया और कहा कि ये PDA का तूफान है. जनता के वोट का बुलडोजर इस बार इनके ऊपर चलने वाला है जो इन्हें हमेशा-हमेशा के लिए ढहा देगा. अखिलेश ने PDA रथ पर सवार होने के कुरुक्षेत्र का जिक्र किया और कहा कि रथ भारतीय संस्कृति में कुरुक्षेत्र का प्रतीक रहा है. भगवान श्रीकृष्ण ने रथ के जरिए गीता का ज्ञान दिया था, इसी रथ से ऐलान करता हूं कि जो पीड़ित है, वही पीडीए है.
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अखिलेश यादव ने राममंदिर चढ़ावा चोरी से लेकर इलेक्शन कमीशन तक पर सवाल उठाए. एक्सप्रेस-वे के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया तो पोस्टर लगवाने का भी जिक्र किया. बीजेपी पर भेदभाव करने और बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग गंगाजल से घर और मंदिर धुलवाते हैं. पीडीए के लोग वहां जाते हैं तो भेदभाव किया जाता है.
कांग्रेस के गढ़ में अखिलेश, क्या बोले अजय राय?
अजय राय ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि अखिलेश जी रायबरेली या अमेठी जा सकते हैं. हम कन्नौज, सैफई और इटावा जा सकते हैं लेकिन ये देश राहुल गांधी की तरफ देख रहा है.
बीजेपी का रिएक्शन
बीजेपी की ओर से अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा पर कटाक्ष किया गया. बीजेपी ने कहा कि नाम PDA का और काम केवल 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी'
रायबरेली की सभी सीटों पर पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी. विधायक मनोज पाण्डेय ने राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा से दूरी बना ली थी और उसके बाद पार्टी से अलग हो गए. उस समय वह समाजवादी पार्टी के चीफ़ व्हिप भी थे. अब सपा से अलग बिना किसी दल के रूप में वह विधायक हैं और सरकार ने कुछ समय पहले ही मंत्री बनाया है.
भीड़ के पीछे छिपा संदेश?
सपा से अलग हुए मनोज पाण्डेय योगी सरकार में मंत्री हैं. हाल ही में उनकी ओर से एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. मुख्यमंत्री से लेकर सरकार के तमाम मंत्री और नेता उस आयोजन में शामिल हुए. माना जा रहा है कि मनोज पाण्डेय ने पॉलिटिकल मैसेज देने की कोशिश की थी लेकिन अब अखिलेश यादव ने भी रायबरेली में PDA रथयात्रा के जरिए भीड़ जुटाकर एक बड़ी लकीर खींच दी है.
राजनीति के जानकार इसे अलग-अलग तरीके से परिभाषित कर रहे हैं. हमेशा रैलियों और चुनावी यात्रा के दौरान जुटने वाली भीड़ वोटों में तब्दील नहीं होती, लेकिन ये भी सच है कि शुरूआत धमाकेदार हो तो पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश और मनोबल दोनों बढ़ता है. फिलहाल अखिलेश की PDA यात्रा शुरू हो चुकी है और बीजेपी हमलावर है.
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