उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी बीच आज गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ पहुंचे यहां उन्होंने प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कार्यकर्ताओं में जोश भरा और चुनावी तैयारियों का भी जायजा लिया. बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे.
बैठक में बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती पर जोर दिया गया, जिसमे कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बढाने पर चर्चा हुई. इसके साथ ही बैठक में 2014, 2017 और 2019 के अनुभव के आधार पर रणनीति बनाने पर चर्चा हुई.
2024 लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन की भी समीक्षा
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यूपी में 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के बाद बीजेपी के सामने अपनी रणनीति को नए सिरे से तैयार करने की चुनौती है. वहीं, हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों ने भी राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है.
ऐसे में लखनऊ की इस बैठक में लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन की समीक्षा, संगठन की मजबूती और विपक्ष की रणनीति का जवाब देने जैसे मुद्दे अहम माने जा रहे हैं.
3000 प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगा मंथन
बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की इस बैठक में करीब 3000 आमंत्रित प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी है. इनमें केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, जिलाध्यक्ष और संगठन के विभिन्न पदाधिकारी शामिल हैं.
बैठक की अध्यक्षता बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी कर रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समापन सत्र में मार्गदर्शन देंगे.
यूपी चुनाव से पहले पार्टी की यह बड़ी बैठक है, जिसमें चुनावी तैयारियों पर मंथन हो रहा है. वहीं पार्टी नेताओं के मुताबिक जल्द ही कई और बैठकों का दौर शुरू होगा. सबसे ज्यादा चिंतन उम्मीदवारों के चयन और इस बार चुनाव प्रचार पर है.
उधर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अमित शाह के दौरे पर तंज कसते हुए कहा, 'बड़ी देर कर दी मेहरबां आते-आते' . अखिलेश यादव ने येब्तंज हालिया MLC चुनाव परिणाम को लेकर किया, जिसमें 11 सीटों पर बीजेपी छह और सपा को पांच सीटों पर सफलता मिली है.इसमें वाराणसी की दोनों सीटें और लखनऊ की सीट जीतकर सपा ने बीजेपी को करारा झटका दिया है. वाराणसी इसलिए बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है. कई सीटों पर सपा द्वारा धांधली करवाने का भी आरोप लगाया गया था. गोरखपुर की सीट बीजेपी महज 300 वोटों से ही जीत पायी है.
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