BSP सुप्रीमो मायावती परिवार में उलझ गई हैं. कभी दो कदम आगे तो कभी दो कदम पीछे. हाल ही में उन्होंने कहा था कि भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों को कोई बड़ी जिम्मेदारी या पद पार्टी में नहीं देंगी और जरूरत पड़ने पर भतीजी दीपिका आनंद को जिम्मेदारी सौंपेंगी लेकिन अब उन्होंने भतीजी से किनारा कर लिया है.
आकाश आनंद पर फिर निशाना
रविवार को बीएसपी अध्यक्ष मायावती की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उनके समर्थक एक बार फिर चौंक गए. दरअसल इस पोस्ट में मायावती ने परिवार की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि अब आकाश आनंद पूरी तरह से ससुर अशोक सिद्धार्थ के जंजाल में फंस चुके हैं, जिसे पार्टी में वापस लेना बड़ा विश्वासघात होगा, जो मैं पार्टी विरोधी गलत कार्य कदापि नहीं कर सकती हूं.
भतीजी दीपिका आनंद से किनारा
मायावती ने x पर पोस्ट करते हुए ये भी कहा कि शादी होने के बाद दीपिका का मामला भी आकाश आनंद की तरह निकल गया तो पार्टी हित में सही नहीं होगा. ऐसी संभावना को ध्यान में रखकर अब पार्टी हित में यही उचित होगा कि आकाश आनंद व इनकी बहन को भी अब पार्टी में कोई भी जिम्मेदारी देने से एकदम दूर रखा जाए.
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ईशान आनंद को मिलेगी जिम्मेदारी?
भाई आनंद कुमार के दूसरे बेटे ईशान आनंद पर मायावती ने फिर भरोसा जताते हुए सम्मानजनक जिम्मेदारी देने की बात कही है. हालांकि अपनी पोस्ट में मायावती ने ये भी लिखा है कि अभी तक ऐसा ही लग रहा है, आगे तो कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. शर्त भी बताई है कि पार्टी विरोधी कोई गंभीर कृत्य किया तो बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा.
23 सितंबर को बुलाई बड़ी बैठक
बीएसपी ने ऑल इंडिया बैठक 23 सितंबर को बुलाई है. बैठक में देशहित से जुड़े मुद्दों और परिवार की ताजा स्थिति पर भी बात होगी. हालांकि मायावती परिवार की उलझन के बीच ये भी कह रही हैं कि बहुजन समाज ही मेरा असली परिवार है. सत्ता की मास्टर चाबी के जरिए उन्हें शोषित से शासक वर्ग बनाना ही उनका लक्ष्य है. बहरहाल अब बसपा समर्थकों और पदाधिकारियों की नजर 23 सितंबर की बैठक पर है.
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