चुनाव आयोग के खिलाफ आज समूचा सड़कों पर उतरा. इंडिया गठबंधन के आह्वान पर विपक्ष के सांसदों ने मंगलवार को संसद भवन से निर्वाचन सदन तक विरोध मार्च निकाला. इसमें विपक्ष के 150 से ज्यादा सांसद थे. पुलिस ने निर्वाचन सदन से पहले ही पुलिस ने बैरीकेडिंग कर उन्हें रोक दिया.
विरोध मार्च में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए. पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया.
आकाशवाणी भवन पर राहुल गांधी को रोका
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल को निर्वाचन सदन से करीब 200 मीटर पहले रोक दिया गया. इसके बाद वे आकाशवाणी भवन के पास धरने पर बैठ गए. राहुल गांधी ने पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर राष्ट्रीय ध्वज भी लहराया. वहीं प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए.
यह भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का महाभियोग प्रस्ताव
क्या है इंडिया गठबंधन की मांग ?
इंडिया गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों के जरिए वोटरों के अधिकार प्रभावित किए जा रहे हैं.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने बंगाल और उत्तर प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए.
वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए. यह विवाद अब सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है.
टिप्पणियां (0)
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी आप करें।