उत्तर प्रदेश में आगमी विधानसभा चुनाव 2027 को सपा और कांग्रेस में गठबंधन को लेकर बातचीत शुरू होने से पहले ही बिगडती नजर आ रही है. कांग्रेस ने जितनी सीटों पर दावेदारी भेजी है सपा ने उनमें से कई सीटों पर सपा ने लाल झंडी दिखा दी है. इसमें अमेठी और रायबरेली की 10 विधानसभा सीटें बताई जा रहीं हैं.
कांग्रेस ने इन सभी सीटों पर दावेदारी की है. जबकि 2022 के चुनाव में सपा ने अमेठी में तीन और रायबरेली में चार सीटों पर जीत हासिल की थी. इसमें सपा के बागी मनोज पांडेय और राकेश प्रताप सिंह भी शामिल हैं, जिन्हें सपा इस बार खुद चुनौती देना चाहती है.
कांग्रेस ने 200 सीटों की सूची सौंपी
पिछले दिनों दिल्ली में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने यूपी के नेताओं के साथ बैठक की थी. इसके बाद कांग्रेस की ओर से 200 सीटों की सूची सौंपी गयी है. कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम इसकी पुष्टि भी कर चुके हैं. जबकि सपा की ओर से अभी सीटों को लेकर कोई हामी नहीं भरी गई है.
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अखिलेश यादव लगातार कह रहे हैं कि बात सीट की नहीं जीत की है. हमें भाजपा को सत्ता से बाहर करना है. पिछले दिनों कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान भी गठबंधन को लेकर बदले हैं, उन्होंने ने भी सीट से ज्यादा जीत के महत्व की बात कही थी.
दिवाली के बाद हो सकता है फैसला
प्रदेश में इंडिया गठबंधन मिलकर चुनाव लडेगा ये तय है और सीटों पर बंटवारे की स्थिति भी दिवाली के बाद ही स्पष्ट होने के संकेत हैं. लेकिन जिस तरह कांग्रेस सपा पर दबाब बना रही है सीटों को लेकर उसके बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. कुछ राजनीतिक जानकारों के मुताबिक सपा 350 सीटों पर अपने कैंडिडेट उतारने का दावा कर रही है और बाकी गठबंधन को. इस हिसाब से महज 53 सीटें ही बचती हैं.
यहां बता दें कि बीते लोकसभा चुनावों में सपा और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा और बीजेपी को पीछे धकेल दिया था. सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत हासिल की थी. इसलिए इस बार दोनों पार्टियां वही दोहराने की फिराक में हैं.
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