दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सरकार ने अभी से एहतियाती कदम उठाना शुरू कर दिया है, जिसके तहत आज दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-1 लागी कर दिया गया है. क्योंकि दोपहर में AQI 244 दर्ज किया गया, जोकि बेहद खराब श्रेणी में आता है. जबकि एक दिन पहले ही यह 179 दर्ज हुआ था. जिसके बाद तुरंत ही यह फैसला लागू किया गया.
दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ग्रैप-1 लागू होने की जानकारी दी. इसके तहत अब निर्माण कार्यों पर धूल नियंत्रण के साथ डीजल वाहनों व प्रदूषण फैलाने वाले अन्य कारकों पर सख्ती शुरू कर दी जाएगी.
ग्रैप-1 में क्या-क्या बदलेगा?
1. होटल और रेस्तरां में कोयले-लकड़ी वाले तंदूर पर रोक
GRAP-1 के तहत होटल, रेस्तरां और खुले खाने-पीने के प्रतिष्ठानों में कोयले या लकड़ी से चलने वाले तंदूर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी. इसके स्थान पर LPG, बिजली या अन्य स्वच्छ ईंधन वाले उपकरणों का इस्तेमाल करना होगा.
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2. निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल पर सख्ती
निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल को नियंत्रित करने के उपायों का पालन करना जरूरी होगा. निर्माण सामग्री को खुले में रखने और ढुलाई के दौरान धूल फैलने से रोकने के लिए भी नियमों का पालन करना होगा. नियमों का उल्लंघन करने वाली साइटों पर संबंधित एजेंसियां कार्रवाई कर सकती हैं.
3. डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर नियंत्रण
GRAP के संशोधित नियमों के तहत डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी नियंत्रण रहेगा. इनके संचालन में निर्धारित मानकों और लागू प्रतिबंधों का पालन करना होगा. इसे सभी परिस्थितियों में पूरी तरह बंद करने का सामान्य आदेश समझना सही नहीं होगा, क्योंकि इस्तेमाल की अनुमति संबंधित श्रेणी और नियमों पर निर्भर करती है.
4. कचरा जलाने पर रोक
खुले में कचरा, प्लास्टिक और सूखी पत्तियां जलाने जैसी गतिविधियों पर रोक रहेगी. नगर निकायों को कचरे के उचित निस्तारण और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
5. सड़कों की सफाई और पानी का छिड़काव
सड़कों पर धूल कम करने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी के छिड़काव और जरूरत के मुताबिक एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल जैसे उपाय बढ़ाए जाएंगे. इससे हवा में उड़ने वाले धूल के कणों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
6. वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नजर
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) और वाहनों से निकलने वाले धुएं की जांच की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. इसके अलावा ट्रैफिक जाम कम करने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा.
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