उत्तर प्रदेश में अब तेजी एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार हो रहा है. जिसमें मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल लिंक शामिल हैं. इन परियोजनाओं से वेस्ट यूपी, विंध्य क्षेत्र और पूर्वांचल के बीच सड़क संपर्क और बेहतर हो सकेगा.
इन तीनों एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण से जुडी योजनाओं की तैयारी शुरू हो चुकी है.ये सड़क नेटवर्क नौ जिलों के 651 गांवों से निकलेगा. इसमें 8,193 हेक्टेयर जमीन की जरूरत बताई गई है.
ये होगा रूट
1. मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे
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यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को उत्तराखंड से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा. इसका प्रस्तावित रूट अमरोहा और बिजनौर से होते हुए हरिद्वार तक जाएगा. इससे इन क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होने के साथ व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
परियोजना के लिए अमरोहा के 52 गांवों की करीब 555.94 हेक्टेयर और बिजनौर के 108 गांवों की लगभग 1,058.44 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की योजना है. वहीं, हरिद्वार क्षेत्र के 24 गांवों से भी जमीन ली जानी है.
2. विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे
विंध्य क्षेत्र को पूर्वांचल के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है. यह मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर को जोड़ेगा. इसके जरिए विंध्य एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों तक पहुंच आसान हो सकती है.
इस परियोजना के लिए करीब 1,558.93 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने का प्रस्ताव है. इसमें चंदौली के 52 गांवों की 663.72 हेक्टेयर, गाजीपुर के 52 गांवों की 576.91 हेक्टेयर और मिर्जापुर के 36 गांवों की 318.30 हेक्टेयर जमीन शामिल है.
3. विंध्य एक्सप्रेसवे
विंध्य एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण परियोजना है. इसका प्रस्तावित मार्ग प्रयागराज से शुरू होकर भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र तक जाएगा. इससे विंध्य क्षेत्र के प्रमुख जिलों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है.
इस एक्सप्रेसवे के लिए करीब 4,613.93 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की योजना है. इसके तहत प्रयागराज के 71 गांवों की 862.76 हेक्टेयर, भदोही के 58 गांवों की 472.74 हेक्टेयर, मिर्जापुर के 89 गांवों की 1,258.79 हेक्टेयर और सोनभद्र के 109 गांवों की 2,019.64 हेक्टेयर जमीन शामिल है.
प्रदेश को क्या होगा फायदा?
तीनों परियोजनाओं के पूरा होने पर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होने की उम्मीद है. मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बीच संपर्क बेहतर करेगा, जबकि विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र और पूर्वांचल के अन्य हिस्सों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने में मदद करेंगे.
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