उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. इस बीच चुनाव आयोग ने इन सभी राज्यों में उन अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए हैं, जो अपने गृह जनपद या फिर पिछली बार तैनाती वाली विधानसभा में तैनात हैं.
इन राज्यों में यूपी के साथ उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर शामिल हैं. यहां मुख्य सचिव को आयोग द्वारा निर्देश मिल चुके हैं. इस आदेश के पीछे निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है.
पिछली बार तैनात रहे अधिकारी हटेंगे
चुनाव आयोग के इस निर्देश के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों की तैनाती उनके गृह जनपद में नहीं की जाएगी. इसके साथ ही ऐसे अधिकारियों को उन विधानसभा क्षेत्रों में भी तैनात नहीं किया जाएगा, जहां वे पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए उपचुनाव के दौरान तैनात थे.
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इस फैसले के जरिए आयोग चुनावी व्यवस्था में निष्पक्षता बनाए रखने और किसी भी तरह के संभावित पक्षपात की आशंका को कम करना चाहता है.
2027 में पांच राज्यों में होंगे चुनाव
यहां बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में साल की शुरुआत में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. जिसके तहत इन राज्यों में चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं. चुनाव आयोग का यह निर्देश प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और चुनाव से पहले जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
चार राज्यों में बीजेपी की सरकार
जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं, उनमें चार में बीजेपी की इस समय सरकार है. यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में बीजेपी सरकार में हैम जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है. पंजाब को छोड़ इन बाकी राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस इंडिया गठबंधन में सीधा मुकाबला है.
उधर SIR के बाद यूपी-उत्तराखंड में लगातार वोटर लिस्ट में शिकायतों के मिलने का क्रम जारी है. यही नहीं पीलीभीत में एकं ही एपिक कार्ड पर 13 हजार से अधिक एंट्रियाँ थीं. इसके अलावा बस्ती, आजमगढ़ और गोरखपुर में कई विधानसभाओं में डुप्लीकेट वोटरों के मामले सामने आए हैं. जिसमें विपक्ष ने चुनाव आयोग पर जानबूझकर मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं.
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