चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया के पर उठ रहे सवालों के बीच आयोग ने बड़ा कदम उठाया है. जिसमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मान्यता प्राप्त दलों को सर्च करने लायक मतदाता सूची की PDF उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं. ये मांग राजनीतिक दल लगातार कर रहे थे और इससे आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहा था.
इससे पहले स्कैन PDF में मतदाता को ढूंढना मुश्किल होता था. अब डिजिटल सूची से आसानी से इसमें सर्च किया जा सकता है.
वोटर लिस्ट में क्या-क्या बदलेगा?
चुनाव आयोग के मुताबिक, मान्यता प्राप्त दलों को मतदाता सूची के ड्राफ्ट और अंतिम प्रकाशन के बाद हार्ड कॉपी के साथ पढ़ने और सर्च करने योग्य PDF भी उपलब्ध कराई जाएगी. डिजिटल कॉपी में मतदाताओं की तस्वीरें शामिल नहीं होंगी, ताकि उनकी निजता सुरक्षित रखी जा सके.
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इसके अलावा, मतदाता सूची में जोड़े गए नए नामों, हटाए गए नामों और संशोधित प्रविष्टियों की पूरक सूची भी राजनीतिक दलों को दी जाएगी. इससे सूची में हुए बदलावों की पहचान और उनकी जांच करना आसान होगा.
17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SSR कराने का निर्देश दिया है. इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, बिहार, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं.
इस प्रक्रिया के लिए 1 जनवरी 2027 को पात्रता की निर्धारित तारीख माना गया है. तय कार्यक्रम के अनुसार, मतदान केंद्रों का युक्तिकरण 2 नवंबर तक पूरा किया जाना है. ड्राफ्ट मतदाता सूची 12 नवंबर को प्रकाशित होगी. इसके बाद 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी. इनका निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाना है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित करने का कार्यक्रम है.
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