मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने फ़ार ब्रांड अंदाज़ में समाजवादी पार्टी पर प्रहार कर रहे हैं. शनिवार को पहले लॉ यूनिवर्सिटी और फिर शिक्षक स्नातक सम्मेलन में निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि ‘समाजवादी’, शिक्षा के घोषित दुश्मन हैं. पहले प्रदेश में रूल ‘ऑफ माफिया’ था, हमने ‘रूल ऑफ लॉ’ ईमानदारी से लागू किया. मुख्यमंत्री योगी के इस अंदाज़ की चर्चा प्रदेशभर में हो रही है.
योगी बोले पहले यूपी में ‘रूल ऑफ माफिया’ था
लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पहले ‘रूल ऑफ माफिया’ था, हमने ‘रूल ऑफ लॉ’ ईमानदारी से लागू किया. पूर्व की समाजवादी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि इस युग में धर्म की स्थापना न्याय से होगी. तकनीक ने कार्य को बहुत आसान किया है लेकिन नई समस्याएं और चुनौतियां भी हम सबसे सामने हैं. AI को सहायक बनाइए, सारथी नहीं, सारथी तो आपके साथ धर्म है.
यूपी के सभी जिलों में साइबर थाने
मुख्यमंत्री ने क़ानून की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स से कहा कि आज जो डिग्री आपके हाथ में है. यह डिग्री एक सौ चालीस करोड़ भारतीयों का वकालतनामा है. हमने प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर थाने बनाए हैं, फ़ॉरेंसिंक इंस्टीट्यूट का गठन भी कर दिया है. डॉ. राम मनोहर लोहिया ने अपने आलेख में लिखा था कि महादेव शिव जैसा मस्तिष्क, श्रीकृष्ण जैसा हृदय, प्रभु श्रीराम जैसा कर्म और वचन की सामर्थ्य रखने वाले होना चाहिए.
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शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में क्या बोले
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में शिक्षक स्नातक सम्मेलन को भी सम्बोधित किया और कहा कि पिछली सरकारों में न नीति थी, न नीयत थी और न ही उनमें कार्य करने की कोई इच्छाशक्ति ही थी. ‘समाजवादी’ शिक्षा के घोषित दुश्मन हैं. आज यूपी पहचान के लिए मोहताज नहीं है, पहचान के लिए मोहताज वो हैं जिन्होंने यूपी के सामने पहचान का का संकट खड़ा किया था.
शिक्षक स्नातक चुनाव में इससे पहले कभी किसी मुख्यमंत्री ने इतनी ज़ोर-शोर से प्रचार की कमान नहीं संभाली थी लेकिन मुख्यमंत्री ने कई जिलों में जाकर जमकर न सिर्फ प्रचार किया बल्कि समाजवादी पार्टी पर जमकर प्रहार किया.
हालांकि प्रदेश की राजनीति में गोरखपुर से लेकर आगरा तक शिक्षक-स्नातक चुनाव को लेकर ताजा समीकरणों पर ख़ूब चर्चा हो रही है. बहरहाल विधानसभा चुनाव से पहले यूपी का सियासी पारा हाई है.
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