अदम गोंडवी की लिखी लाइनें तो आपको याद होंगी….’काजू भुनी प्लेट में…..’ अब राजनीति में काजू की प्लेट बहुत मायने रखती है…वो भी तब जब चुनाव नज़दीक हों…समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बीच की रस्साकसी ऐसा ही कहती है.
यूपी की सियासत बड़ी दिलचस्प है. कभी स्टूल की बात होती है, तो कभी ई-रिक्शा के बहाने एक दूसरे पर सियासी तीर छोड़ दिए जाते हैं. अब यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है.
बृजेश पाठक ने क्या कहा
तंज भरे अंदाज़ में सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है, वाह क्या ठाठ हैं, मेज़ पर काजू, किशमिश बादाम और व्यंजनों की भरमार है….राजसी ठाठ का भोज है!
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बृजेश पाठक ने जो लिखा है वो अखिलेश यादव के लिए सियासी सुई से कम नहीं है. सोशल मीडिया पोस्ट के साथ उन्होंने वीडियो भी शेयर किया है जिसमें दिख रहा है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव किसी निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं. उनकी आवभगत हो रही है, ऐसा स्वाभाविक भी है, क्योंकि अखिलेश यादव बड़े समाजवादी नेता हैं. देश की तीसरी सबसे ज्यादा लोकसभा सांसदों वाली पार्टी के अध्यक्ष हैं.
ख़ैर अब जरा थोड़ा पीछे चलते हैं. दरअसल बृजेश पाठक की इस सोशल मीडिया पोस्ट के पीछे छिपी है सियासी अदावत. अखिलेश यादव ने भी पहली अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट में बृजेश पाठक पर निशाना साधा था. अखिलेश ने बृजेश पाठक के उस हेलीकॉप्टर का वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा था जिसमें सवार होकर वह किसी कार्यक्रम के लिए जा रहे थे. संभवतः बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने.
अखिलेश ने लिखा था
मुखिया हैं बेसुध-बेकाबू
आजू-बाजू खा रहे काजू!
अखिलेश की इसी पोस्ट के बाद बृजेश पाठक ने पलटवार किया और उनकी ठाठ का जिक्र कर दिया. अब यूपी में चुनाव नज़दीक है लिहाजा कचौड़ी, समोसे के बाद सियासत में काजू वाली प्लेट की एंट्री हो चुकी है.
अब आप सोच रहे होंगे कि काजू की प्लेट से सियासत का क्या लेना-देना, तो जनाब यही तो असली सियासत है. ख़ैर अभी तो यूपी में राज्यसभा और एमएलसी सीटों के लिए चुनाव हो रहा है लेकिन देश का सबसे बड़ा सूबा विधानसभा चुनाव की दहलीज़ पर खड़ा है लिहाजा सियासी तंज आगे और देखने सुनने को मिलेंगे.
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