गुरूवार को एक बार फिर शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. BSE सेंसेक्स 1100 अंक गिरकर 71,500 से नीचे आ गया. जबकि NSE निफ्टी 50 में तकरीबन 1.68 फीसदी यानि 380 अंकों की गिरावट दर्ज की और यह 22,222 के नीचे आ गया, निवेशकों को आज भी भयंकर नुकसान उठाना पड़ा है.
शेयर मार्केट में इस गिरावट का असर कंपनियों के कुल मार्केट कैप पर भी देखने को मिला. दोपहर तक घटकर यह 4.71 लाख करोड़ से 4.61 लाख करोड़ रह गया. निवेशकों के 10 लाख करोड़ चंद घंटों में डूब गए.
इसलिए गिरा शेयर मार्केट
शेयर मार्केट के गिरने के पीछे घरेलू और वैश्विक कारण हैं. इसमें कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी, विदेशी निवेशकों की लगातार निकै और कमजोर वैश्विक संकेत शामिल हैं. इसके साथ ही निवेश RBI की हालिया मौद्रिक नीति और उसके बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव का भी आकलन कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें: UPI पेमेंट पर MDR चार्ज टला, दिवाली के बाद होगा लागू?
FPI बिकवाली ने बढ़ाई चिंता
शेयर मार्केट में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानि FPI की बिकवाली भी दबाब का कारण बनी हुई है. बुधवार को विदेशी निवेशकों ने इक्विटी बाजार से 6,121 करोड़ रुपए से अधिक की निकासी की.
फिलहाल मार्केट में लगातार गिरावट ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दिन हैं. अभी तक इसको लेकर सरकार की तरफ से भी कोई कदम नहीं उठाया गया है.
टिप्पणियां (0)
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी आप करें।