बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का आज सुबह गोवा में निधन हो गया. सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका. उनके निधन की खबर से पूरे मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गयी है.
शुरूआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे. सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बेहोशी की हालत में पाया गया. इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल की मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ. उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया. शुरुआती जानकारी में मौत की वजह गंभीर कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है.
हिंदी-मराठी में दमदार अभिनय से बनाई पहचान
बता दें कि नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में पांच दशक से ज्यादा समय तक काम किया. अपनी दमदार आवाज, संवाद अदायगी और अलग अंदाज की एक्टिंग के चलते उन्होंने बॉलीवुड में अपनी खास पहचान बनाई.
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उन्होंने 'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'प्रहार', 'अब तक छप्पन', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'नटसम्राट' और 'वेलकम' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं. उन्हें अभिनय के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले और वर्ष 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया था.
सामाजिक कामों से भी जुड़े रहे
नाना पाटेकर केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहे. वे किसानों और ग्रामीण इलाकों से जुड़े सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे. उन्होंने नाम फाउंडेशन के जरिए महाराष्ट्र में पानी संरक्षण, ग्रामीण विकास और किसान परिवारों की मदद से जुड़े काम किए. उनके निधन पर राजनीतिक और फिल्म जगत की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है.
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