उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने आरोपी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है. अदालत ने इसे रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर केस माना. अदालत ने फैसले में सावित्री के प्रसंग का जिक्र भी किया. एडीजे 12 ने इस मामले में सजा सुनाई है.
क्या है पूरा मामला ?
बता दें कि 12 अप्रैल 2025 में अमित कश्यप की संदिग्ध मौत हो गयी थी.शुरुआत में शव के पास सांप मिलने से इसे सांप के काटने से जोड़ा गया. लेकिन पोस्टमार्टम में मौत की वजह दम घुटना बताया गया. जिसके बाद जांच में पत्नी रविता और अमरदीप की भूमिका सामने आई और दोनों को गिरफ्तार किया.
7 अक्टूबर को दोषी करार, 16 को सजा का ऐलान
अदालत ने 7 अक्टूबर 2026 को रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी ठहराया था. इसके बाद सजा के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गईं. अभियोजन पक्ष ने चर्चित शबनम हत्याकांड और दूसरे न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए मृत्युदंड की मांग की.
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16 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों दोषियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया. सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई. मृतक अमित कश्यप के परिवार ने फैसले पर संतोष जताया और बताया कि वे शुरू से ही दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहे थे.
मेरठ में यह फैसला इसलिए और चर्चा में आ गया क्योंकि दो दिन पहले 14 अक्टूबर को मुस्कान और साहिल को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी. उन दोनों ने भी इसी तरह मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या की थी.
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