27 अक्टूबर से राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण भराड़ीसैंण में शुरू हो रहे विधानसभा के साल 2026 के तृतीय सत्र की तैयारियों की स्पीकर ने समीक्षा की. सुरक्षा व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर स्पीकर ऋतु खण्डूडी भूषण ने शनिवार को देहरादून स्थित विधानसभा भवन में शासन, पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सत्र के सफल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए.
वाहन एंट्री पास सीमित रहेंगे, सख्ती के निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा सचिवालय और पुलिस विभाग को सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि विधानसभा की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. बैठक में फैसला लिया गया कि सत्र के दौरान विधानसभा के कर्मचारी भी बिना विधिवत जारी वाहन प्रवेश पत्र के परिसर में अपने वाहन प्रवेश नहीं कर सकेंगे. विधायकों की संस्तुति पर एक और मंत्रियों की संस्तुति पर अधिकतम दो आगंतुकों को ही प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे, जिससे अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.
प्रदेशवासी लाइव देख सकेंगे सदन की कार्यवाही
बैठक में यह भी तय किया गया कि विधानसभा सत्र की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग और वेबकास्टिंग सूचना एवं लोक संपर्क विभाग तथा आईटी विकास अभिकरण द्वारा की जाएगी, जिससे आमजन भी पारदर्शिता के साथ सदन की कार्यवाही से जुड़ सकेंगे.
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आपातकालीन स्थिति के लिए निर्देश
सत्र के दौरान आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए अग्निशमन दल को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. चिकित्सा विभाग को आवश्यक चिकित्सा दल, पर्याप्त दवाइयों और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है. निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई के साथ अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों से सत्र को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित कराने में पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की. उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या शिकायत की स्थिति पैदा न हो, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सत्र राज्य के विकास, जनहित के मुद्दों और नीतिगत निर्णयों पर गंभीर चिंतन-मनन का महत्वपूर्ण अवसर है, अतः इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.
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