अब 15 मिनट में देहरादून से पहुंचेंगे मसूरी, नैनीताल के जाम से मिलेगी राहत!
उत्तराखंड को देश का रोपवे हब बनाने की बड़ी तैयारी है। राज्य और केंद्र सरकार की साझेदारी में लगभग 160 किमी लंबाई वाली 51 रोपवे परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे बेहतर वैकल्पिक परिवहन साधन है। कार्यदायी संस्थाओं को 9 नवंबर तक रोपवे परियोजनाओं का काम धरातल पर शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राथमिकता में 6 परियोजनाएं
सोनप्रयाग-केदारनाथ (रुद्रप्रयाग)
गोविंदघाट- हेमकुंड साहिब (चमोली)
रानीबाग-हनुमानगढ़ी-कैची धाम (नैनीताल)
कनकचौरी-कार्तिक स्वामी (रुद्रप्रयाग)
जोशीमठ-औली-गोरसों (चमोली)
रैथल-दयारा बुग्याल (उत्तरकाशी)
मसूरी रोपवे के काम में तेजी
देहरादून में पुरुकुल गांव से लाइब्रेरी मसूरी तक लगभग 5.2 किमी लंबे रोपवे का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस रोपवे के बनने से देहरादून से मसूरी तक का एक से डेढ़ घंटे का सफर 15 से 20 मिनट में पूरा हो सकेगा।
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जानकी चट्टी (खरसाली)-यमुनोत्री रोपवे
इस रोपवे के बनने से श्रद्धालुओं को जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक की करीब पांच किलोमीटर की खड़ी पैदल चढ़ाई से राहत मिल जाएगी।
ठुलीगाड़-पूर्णागिरि रोपवे
उत्तर भारत का प्रमुख सिद्धपीठ है चंपावत जिले में मौजूद मां पूर्णागिरि धाम। यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष 01 अप्रैल से 19 सितंबर तक लगभग 25 लाख श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं। यह यात्रा भी कठिन पहाड़ी मार्ग से गुजरती है। रोपवे बनने से यात्रियों को राहत मिलेगी।
फिजिबिलिटी स्टडी के लिए रोपवे परियोजनाएं
जनपद- अल्मोड़ा
रानीखेत-चौबटिया (4 किमी)।
कसारदेवी-अल्मोड़ा (2.76 किमी)।
अल्मोड़ा-द्वाराहाट दूनागिरी मोटर मार्ग 14 किमी (हनुमान मंदिर)-दूनागिरी मंदिर (.63 किमी)।
द्वाराहाट-कुकुछीना-पाण्डुखोली (1.9 किमी)।
चौखुटिया-तरगताल-कुकुछीना (1.9 किमी)।
चौघानपाटा-बेस अस्पताल (1.5 किमी)
बेस अस्पताल से नवीन कलक्ट्रेट (1.35 किमी)।
जनपद - नैनीताल
नवगढ़ क्लब तल्लीताल बाजार से गंगनाथ मंदिर के नीचे (01 किमी)।
जनपद देहरादून
ई एस आई डिस्पेंसरी, कैमल बैक रोड से लाल टिब्बा मसूरी (2.5 किमी)।
ई एस आई डिस्पेंसरी, कैमल बैक रोड से जॉर्ज एवरेस्ट मसूरी (4.1 किमी)।
भनोट एस्टेट, कैमल बैक रोड से कैम्पटी फॉल, मसूरी (4.4 किमी)।
मल्टी लेवल पार्किंग से चिक चॉकलेट मसूरी, (0.23 किमी)।
जॉर्ज एवरेस्ट हाउस से भद्राज मंदिर, मसूरी (7.4 किमी)।
टपकेश्वर महादेव मंदिर से गुच्चूपानी रॉबर्स केव (4.5 किमी)।
गुच्चूपानी से पैसिफिक मॉल (1.5 किमी)।
पैसिफिक मॉल से पैसिफिक गोल्फ (3.7किमी)।
पैसिफिक मॉल से पुरुकुल (4.4 किमी)।
पैसिफिक गोल्फ से सहस्त्रधारा (1.5 किमी)
रायपुर से मालदेवता (4.6 किमी)।
मालदेवता से धनोल्टी (15 किमी)।
नीलकंठ और हरिद्वार रोपवे पर फोकस
सचिव आवास आर राजेश कुमार के मुताबिक सबसे पहले ऋषिकेश त्रिवेणी घाट से पौड़ी जनपद में स्थित नीलकंठ मंदिर और हरिद्वार के इंटीग्रेटेड रोपवे पर फोकस किया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने पर ऋषिकेश में यातायात का दबाव काफी कम हो सकेगा।
सीएम धामी ने क्या कहा?
"उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे कनेक्टिविटी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल धार्मिक और पर्यटन स्थलों की पहुँच आसान होगी बल्कि सड़कों पर यातायात का दबाव कम होने के साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा भी हो सकेगी। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।"
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